अगले 48 घंटे 8 जिलों पर भारी

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गंगा खतरे के निशान से ऊपर, बस्तियां खाली करायी
चारधाम पर लगा ब्रेक, तमाम मार्गो पर मलबा

अपराध संवाददाता
देहरादून। मानसूनी आफत ने उत्तराखण्ड के जन जीवन पर ब्रेक लगा दिया है। बीते दो दिनों से पहाड़ो में हो रही भारी बारिश के कारण जहां चार धाम यात्र को रोक दिया गया है वहीं राज्य के तमाम प्रमुख मार्गो पर यातायात बाधित हो गया है और जहां तहां यात्री फंसे हुए है। इस बीच आज फिर मौसम विभाग ने अगले 48 घंटो में राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों को यात्र पर न जाने की सलाह दी है।
पहाड़ो पर हो रही भारी बारिश के कारण सूबे की तमाम नदियों नालों और खालों में उफान आया हुआ है। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 7-8 सेमी ऊपर चला गया है। खतरा और बढ़ने की संभावनाओं के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन द्वारा गंगा नदी किनारे की तमाम बस्तियों को खाली कराया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा गया है क्योंकि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावनाओं से जल स्तर और बढ़ने की उम्मीद है। बीते कल राज्य में मानसूनी आपदा के कारण चार लोगों की जान चली गयी थी। वहीं आज भी जानकी चट्टी(बड़कोट) में यमुना नदी में एक महिला के बहने की खबर है। वहीं उत्तरकाशी के सुक्की में कई मीटर सड़क जमींदोज हो गयी है तथा ट्राली से गिरकर एक बच्ची के घायल होने की खबर है जिसे दून अस्पताल रैफर किया गया है।
गंगोत्री, यमुनोत्री तथा बद्रीनाथ राजमार्गो पर कई स्थानों पर मलबा आने से यात्र पिछले 48 घंटों से रूकी हुई है। बद्रीनाथ जाने वाले यात्रियों को जोशीमठ में रोक दिया गया है। घनसाली मोटर मार्ग भी मलबा आने से बंद पड़ा है वहीं पौड़ी में लगातार हो रही भारी बारिश से आवाजाही बंद है तथा कई स्थानों पर भूस्खलन की खबरें है। राज्य के तमाम प्रमुख व सम्पर्क मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हो रहे है जिन्हे खोलने में संसाधनों की कमी आड़े आ रही है। उधर मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में चमोली, पौड़ी, पिथौड़ागढ़, हरिद्वार, दून सहित आठ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों से यात्र पर न जाने की अपील की है।

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