पेयजल लाइनें खस्ताहाल

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बागेश्वर। जिले में 45 फीसदी से अधिक की आबादी को जिन योजनाओं से पानी की सप्लाई की जा रही है उनकी अधिकांश पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नगर में अधिकांश पेयजल योजनाएं भी इसी हाल से गुजर रही हैं। मानक के अनुसार पेयजल योजनाओं में लगने वाले पाइप की उम्र 45 वर्ष और 3० वर्ष मानी जाती है।

इसके बाद इन्हें इस्तेमाल योग्य नहीं माना जाता है क्योंकि इनसे पहुंचाया जाने वाला पानी शुद्धता की दृष्टि से भी आवश्यक माना जाता है। जिले में कुल 178 पेयजल योजनाओं में से कई योजनाओं के पाइप अपनी उम्र मानक के अनुसार पूर्ण कर चुके हैं। इनमें शामिल दो योजनाएं नगर के लिए बनी हुई हैं जिसमें एक योजना को 45 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है तथा जो योजना उस वक्त बनी थी उसी से अब भी पानी पिया जा रहा है जबकि नगर की जनसंख्या कई गुना बढ़ गई है।

इधर नगर में दो वर्ष पूर्व बनी नगरीय पेयजल योजना में भी अत्यधिक दबाव होने के कारण जनता की पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। पुरानी पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन और मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। विभाग पूर्व की बनी योजनाओं से बारी-बारी से जनता को पानी उपलब्ध कराता रहता है। नई योजनाओं के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।(आरएनएस)

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