अतिक्रमण पर सख्ती

0
123

उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ कमर कस ली है। अभी घंटाघर से आईएसबीटी तक साढ़े छह किलोमीटर लम्बे मार्ग को माॅडल रोड के रूप में विकसित करने को लेकर चलाये गये अभियान के बाद मिल रही पुनः अतिक्रमण की खबरों पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सख्त रूख अपनाते हुए प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर मुकदमें दायर किये जाए तथा इस मार्ग पर एक हफ्ते के अंदर विद्युत व टेलीफोन पोलों को शिफ्ट कर फुटपाथ बनाने का काम शुरू किया जाय।

अतिक्रमण के बारे में आमतौर पर यही होताता आया है कि आगे-आगे अतिक्रमण हटाये जाने का काम होता है और उसके पीछे-पीछे पुनः कच्चे-पक्के निर्माण शुरू कर बांस बल्ली गाडकर तिरपाल तान दिये जाते हैं। उनकी सोच है कि अगर कोई फिर आयेगा तो अपना तामझाम समेट लेंगे और अगर कोई नहीं आता है तो फिर अपनी दुकान सजाकर बैठ जायेंगे। अब तक यही होता रहा है। यही कारण है कि अतिक्रमण कभी समाप्त नहीं होता।

प्रशासन भी एक बार कार्यवाही करके चुप बैठ जाता है तथा अतिक्रमण करने वालों के लिए अवैध उगाई शुरू हो जाती है लेकिन इस बार शासन के सख्त रूख से ऐसा लगता है कि इस बार इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी तथा दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। यह जरूरी भी है अन्यथा इस कवायद का कोई फायदा होने वाला नहीं है वैसे भी दून को स्मार्ट सिटी बनाने की योजना के कारण इस बार व्यापक स्तर पर सुधार किये जाने तय हैं।

LEAVE A REPLY