सौ दिन में विफ ल साबित हुई सरकार: प्रीतम

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संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार अपने पहले सौ दिन के कार्यकाल में हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। किसान, गरीब, महिलाओं तथा बेरोजगारों के लिए भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में बड़े बड़े दावे किये थे तथा भ्र्र्र्र्र्र्र्र्रष्टाचार मिटाने व पारदर्शी शासन-प्रशासन देने का वायदा किया था लेकिन डबल इंजन की सरकार जनता को धोखा दे रही है।

पत्रकारों से वार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा है कि भाजपा ने सौ दिन में लोकायुक्त लाने का वायदा किया था कल सरकार के सौ दिन पूरे हो रहे है और वह जो लोकायुक्त तथा ट्रांसफर बिल लेकर आई थी वह उसकी कार्यनीतियों के कारण अधर में लटका हुआ है। सरकार खुद ही विधेयक लाती है और खुद ही उसे प्रवर समिति को सौंप देती है।

सरकार ने एक ऐसा लोकायुक्त बनाने का प्रयास किया है कि उसे किसी मामले की जांच का स्वतः संज्ञान लेने तक का अधिकार नहीं है। सच यह है कि सरकार चाहती ही नहीं कि राज्य में एक सशक्त लोकायुक्त बने। उन्होने कहा कि गडकरी ने एक पत्र लिखा और एनएच 74 घोटाले की जांच ठंडे बस्ते में चली गयी। उन्होने पूछा कि क्या यही सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस पालसी है।

उन्होने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में सूबे के किसान आत्महत्या कर रहे है और सरकार यह मानने तक को तैयार नहीं है कि किसान ने कर्ज के दबाव में आत्महत्या की उन्होने कहा कि उनका केन्द्र सरकार से अनुरोध् है कि वह सूबे के किसानों का कर्ज माफ करें। उन्होने कहा कि किसान व गरीब की हितैषी इस सरकार ने कृषि का बजट कम कर दिया। अनुसूचित व अनुसूचित जन जाति की कल्याण की योजनाओं को बजट में कम कर दिया।

सरकार पंचायत राज व्यवस्था को कमजोर कर रही है। गरीबों पर आर्थिक बोझ डाल रही है। सस्ते अनाज की दरें बढ़ी दी गयी है, बिजली दरों में वृद्धि कर दी गयी है। उन्होने सरकार को जन विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने सौ दिन में यह साबित कर दिया है कि उसकी कथनी और करनी में कितना फर्क है।

विधानसभा में संकल्प के बाद भी सरकार ने गैरसैंण में सत्र का आयोजन न करके सदन की मर्यादा के खिलाफ काम किया है। सदन में लोकायुक्त व ट्रांसफर एक्ट जिस तरह से लाया गया व लोकतंत्र का मजाक बनाया है। उन्होने कहा कि सरकार की इन नीतियों के कारण ही आज कांग्रेस सड़कों पर उतरने को मजबूर है।

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