वास्तु लाए खुशिओं की बहार,करें ट्राई

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यदि आपकी अपने जीवन साथी से बनती नही है। दिन रात घर में कलह और झगड़े ही होते रहते है तो इसका एक कारण आपके बेडरूम का वास्तु दोष हो सकता है। कैसे आप अपने बेडरूम के सामान में वास्तु के अनुसार थोडा फेरबदल करके अपने घर में खुशी की बहार ला सकते है।

वास्तुशास्त्र को बहुत से लोग टोना-टोटका या धार्मिक आस्था से जोड़ते है, लेकिन इसका किसी भी प्रकार की पूजा-पाठ या तन्त्र-मन्त्र से कोई लेना देना नहीं है। वास्तु में दिशाओं का महत्व होता है। किसी दिशा से आने वाली ऊर्जा आपको किस प्रकार से फायदा पहुंचा सकती है, यह शास्त्र इसी पर निर्भर है। वास्तु में हर जगह और कमरे के लिए एक निश्चित स्थान बताया गया है। बेडरूम रूम घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। आइए आपको बताते है कि आपके बेडरूम का वास्तु कैसा होना चाहिए ताकि आपके जीवन में सदा खुशियों का आगमन होता रहे।

बेडरूम की सबसे इर्म्पोटेंट चीज है पलंग। वास्तु के अनुसार पलंग दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। पलंग को दक्षिण दिशा की दीवार के साथ होना चाहिए। सोते समय सिर दक्षिण की ओर और पैर उत्तर में होने चाहिए। ध्यान रहे पलंग दीवार के एकदम बीच में होना चाहिए। यही पलंग की बेडरूम में एकदम सही दिशा है।

पलंग के बाद बारी आती है स्टडी टेबल की आजकल अलग से स्टडी रूम बनाने का चलन लगभग खत्म हो गया है। अब तो बेडरूम में ही स्टडी कॉर्नर बनाया जाने लगा है। वास्तु के अनुसार स्टडी टेबल पूर्व दिशा में रखें और ध्यान रखें की पढ़ते समय आपका चेहरा पूर्व की तरफ ही होना चाहिए। दक्षिण की ओर टेबल कभी भी न रखें यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

स्टडी टेबल के बाद बात करते हैं शोपीस और पेटिंग्स की। वास्तु के अनुसार बेडरूम में रामायण, महाभारत और किसी भी प्रकार के लड़ाई के दृश्य, ऐन्द्रजालिक पेंटिंग, पत्थर और लकड़ी की बनी राक्षसों की मूर्तियां, रोते हुए व्यक्ति की मूर्ति, जानवरो जैसे सांप, गिद्व, उल्लू, कौवा, बाज आदि के चित्र भी नहीं लगाने चाहिएं। बेडरूम में आप फूलों, झरनों, प्रकृति के मनोरम दृश्य की पेंटिंग्स लगा सकते हैं। वास्तु के अनुसार, पेंटिंग्स की सही दिशा उत्तर दिशा है। दीवार घड़ी भी हमेशा उत्तर दिशा की दीवार पर ही लगानी चाहिए।

मिरर बेडरूम की एक खास जरूरत है। वास्तु के अनुसार मिरर या ड्रेसिंग टेबल को बेड के सामने नहीं रखना चाहिए। मिरर की बेडरूम में सही दिशा है उत्तर-पूर्व, इससे घर के सदस्यों के मान सम्मान में बढोतरी होती है। इसके अलावा किसी दूसरी दिशा में मिरर का लगाना अशुभ माना जाता है।

बेडरूम के दरवाजे की बात करें, तो वास्तु के अनुसार दरवाजा कभी भी बेड के सामने नहीं खुलना चाहिए। दरवाजे हमेशा अंदर की ओर ही खुलने चाहिए। इससे पॉजीटीव एनर्जी घर में आती है। दरवाजा हमेशा पूर्व में होना चाहिए। वास्तु में गोल शेप वाले दरवाजों को अशुभ माना जाता है। दरवाजे हमेशा चकोर होने चाहिएं।

दरवाजे के साथ-साथ खिडकियां भी पूर्व की दिशा में होनी चाहिए। यदि आपके बेडरूम में खिडकियां दक्षिण या पश्चिम दिशा में हो तो उन्हे पर्दों से ढककर रखना चाहिए।

आजकल अटैच टॉयलेट का चलन है। लेकिन वास्तु की माने तो बेडरूम में टॉयलेट का कोई भी स्थान नहीं है। फिर भी यदि अटैच टॉयलेट बनवाना ही है तो उसकी दिशा दक्षिण में होनी चाहिए। वास्तु के अनुसार, कमरे की पूर्व और उत्तर की दिशा को खाली छोडऩा चाहिए। इन दिशाओं से आने वाली हवाओं और सूर्य की रोशनी में किसी भी प्रकार की कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए इसीलिए इन दिशाओं में कोई भी भारी सामान न रखें। इन दोनों दिशाओं से ही रूम में पॉजीटीव एनर्जी आती है।

भारी सामान जैसे सोफा, अलमारी आदि को आप दक्षिण और पश्चिम की दिशा में रख सकते है।वैसे तो कहते है कि जो होना होता है वह होकर ही रहता है लेकिन यदि हम अपने बेडरूम में वास्तु के अनुसार फेरबदल करे तो कुछ हद तक आने वाली कठिनाईओं और परेशानियों से बच सकते है।(आरएनएस)

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