अधिकारों के लिए सजग हो रही है महिलाएं

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बागेश्वर। घरेलू हिंसा अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं में भी जागरूकता बढ़ी है। वह लगातार अपने अधिकारों के संरक्षण के लिए आगे आ रही हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां 2०15 में घरेलू हिंसा के 84 मामलों पर काउंसलिंग की गई वहीं 2०17 में 5 महीनों में ही 4० मामलों की काउंसलिंग की गई है।

पहाड़ की पढ़ी लिखी महिलाएं अब अपने अधिकारों के लिए व्यवस्था की बेडिय़ां तोड़ रही है। अब वह घुटन भरी जिंदगी को छोड़ आजादी की हवा में सांस लेने को बेताब है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षणअधिनियम 2००5 बनाकर एतिहासिक कदम उठाया। यह एक्ट 26 अक्टूबर 2००6 से लागू हुआ। बीते दो साल में घरेलू हिंसा के चार मामले दर्ज हुए। सभी मामले दहेज से संबंधित है। जिस पर कार्रवाई की जा रही है।अगर काउंसलिंग की बात करें तो हकीकत खुद बयां हो जाती है।

महिला हेल्प लाइन ने 2०15 में काउंसिलिंग के 84 मामले सामने आए। 2०16 में 71 व 2०17 में सिर्फ पांच महीने में 4० मामले घरेलू हिंसा के सुलझाए। काउंसलिंग में अधिकतर मामले पति-पत्नी से झगड़े, सास-बहू की लड़ाई से संबंधित है। कुछ दहेज से संबंधित मामलों में भी सफल तरीके से काउंसलिंग की गई।(आरएनएस)

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