चांदी पहनने के लाभ ही लाभ

0
144

चांदी एक पवित्र और सात्विक धातु मानी जाती है। चांदी ज्योतिष में चंद्रमा और शुक से चांदी क संबंध है। ज्योतिष के अनुसार अगर चांदी की चीजें पहनी जाएं तो कुंडली में चंद्रमा और शुक्र मजबूत स्थिति में आते हैं। यह भी सुनने में आता है कि चांदी की तासीर शीतल होती है। इसलिए चांदी को पैरों में पहना जाता है।

चांदी चंद्र देव की शुभ धातु है। इसे त्वचा से छू कर लगातार पहनने से मानसिक, भावनात्मक और शाीरिक लाभ मिलता है। इसमें भावनाओं को बस में रखने का कंट्रोल होता है। जैसे चांद की ऊर्जा सागर की लहरों के उतार-चढाव को काबू में रखती है, वैसे ही चांदी पहनने वाले को शांत और सुकूनभरा स्पर्श देती है।

चांदी चंद्र देव की शुभ धातु है। इसे त्वचा से छू कर लगातार पहनने से मानसिक, भावनात्मक और शाीरिक लाभ मिलता है। इसमें भावनाओं को बस में रखने का कंट्रोल होता है। जैसे चांद की ऊर्जा सागर की लहरों के उतार-चढाव को काबू में रखती है, वैसे ही चांदी पहनने वाले को शांत और सुकूनभरा स्पर्श देती है।

मोती-चांदी चन्द्रमा की प्रतिनिधि धातु है इसलिए कुंडली में अगर चंद्रमा कमजोर हो जो चंादी पहनने से चन्द्रमा को बल मिलता है।
जिन जातकों के कमर या पेट के रोग हों, वे कमर में चांदी की कनकती धारण करें, लाभ मिलता है।

धातु ग्रह-क्लेश को भी कंट्रोल कर सकता है। अगर आप दाम्पत्य कलह के शिकार हों, उन्हें चांदी की चेन या अंगूठी धारण करनी चाहिए। साथ ही जो व्यक्ति मानसिक अशांति के कारण अवसाद में हों वे चांदी छल्ला पहनें तो लाभ मिलेगा। (आरएनएस)

LEAVE A REPLY