शराब के विरुद्ध मातृशक्ति का विरोध जारी

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नगर संवाददाता
देहरादून। शराब के विरुद्ध चल रहे महिलाओं का आंदोलन अब भले ही ठण्डा पड़ रहा हो लेकिन फिर भी विरोध जारी है। कुछ एक स्थानों को छोड़ कर बाकी स्थानों पर अब महिलाओं को आंदोलन करने की जरूरत ही नहीं पड़ रही है।
पिछले कुछ समय तक शराब के विरुद्ध महिलाओं के आंदोलन ने जो जोर पकड़ा उसका असर पूरे प्रदेश में नजर आया।

प्रदेश के कई शहरों में विरोध, धरना, प्रदर्शन हुए, शराब की दुकानों में तोड़-फोड़ भी हुई और शराब की बोतलें भी खूब फोड़ी गयी। कोर्ट के आदेश के बाद जब हाईवे से दुकानें शिफ्ट होनी शुरू हुई तो आबादी के बीच में खुलने वाली इन दुकानों और ठेकों के विरोध मेें महिलाएं खड़ी हो गयी।

प्रदेश में कई दुकानें ऐसी हैं जो विरोध के कारण खुल नहीं पायी। वहीं ठेकों की निलामी में भी कई ठेकों के लिए टेंडर ही नहीं पड़ा क्योंकि हाईवे से शिफ्ट होने के बाद इन दुकानेां में आय की चिंता कारोबारियों को होने लगी थी। घाटे का सौदा देखते हुए दुकानों के लिए कारोबारियों ने टेंडर ही नहीं डाले।

उधर कई दुकानें तो विरोध के चलते बंद ही कर दी गयी। इससे भी शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है कि आखिर वे दुकानें खोलें भी तो कैसे। हालांकि अभी भी दून में कई स्थानों पर शराब के ठेकों का विरोध जबरदस्त तरीके से चल रहा है।

रायपुर में तो धरना प्रदर्शन हो रहा है इसके अलावा राजपुर रोड में भी शराब की दुकान को खोलने की सुगबुगाहट होते ही लोग वहां विरोध करने पहुंच जाते हैं जिसकी वजह से यहां भी दुकान खुल नहीं पा रही है। मातृशक्ति ने अपने आंदोलन के दम पर इन दुकानों को खुलने नहीं दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि मातृशक्ति की हुंकार इन शराब कारोबारियों को कब तक चुप बैठने के लिए मजबूर करती है।

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