सांकेतिक उपवास पर बैठे हरीश रावत

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नगर संवाददाता
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज विधानसभा के समीप सांकेतिक उपवास पर बैठ कर मातृशक्ति और राज्य के अपमान पर सरकार को चेताया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके समर्थकों ने आज धर्मपुर स्थित एक होटल से विधानसभा के लिए कूच किया। यहां उन्हें रिस्पना पुल से पहले बने बैरिकेडिंग से आगे नहीं बढ़ने दिया गया जिस पर वे अपने समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गये।

इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व में कहा गया कि बजट सत्र गैरसैंण में आयोजित किया जायेगा लेकिन सरकार ने अपनी कथनी और करनी में अंतर साबित कर दिया। गैरसैंण में सत्र आयोजित नहीं करके सरकार ने जनता का अपमान किया है।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता को सस्ता गेंहू और चावल दे रही थी भाजपा सरकार ने उसका कोटा भी कम कर और दाम बढ़ा दिये। बिजली, पानी, गैस सहित आवश्यक वस्तुओं के दामों में वृद्धि कर दी है। उन्होंने मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार पर किसानों की हत्या किये जाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि दुग्ध प्रोत्साहन योजना को सरकार बंद करना चाहती है। यदि सरकार द्वारा इस योजना को बंद किया जाता है तो कांग्रेस फिर से सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौरा देवी कन्या धन योजना और नंदा देवी योजना को एकीकृत योजना में बदल दिया गया है। कांग्रेस सरकार ने इन योजनाओं से हजारों बच्चियों को लाभान्वित किया था। बेटियों को बचाने के लिए यह एक अभियान था लेकिन भाजपा सरकार तो कन्या भ्रूण हत्या पर ही उतर आयी है।

उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश मंदसौर में किसानों पर चलायी गयी गोलीबारी में जान गंवाने वाले किसानों की आत्मा की शांति तथा दलित कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न विरुद्ध वे कल हर की पैड़ी पर सवा घंटे का तप करेंगे।

सांकेतिक उपवास पर उनके साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व काबिना मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, विधायक करन मेहरा, हरीश धामी, आदेश चौहान, सरिता आर्य, राजेश शाह, मनीष नागपाल, रामकुमार वालिया, कमलेश रमन, गरिमा मेहरा दसौनी, लालचंद शर्मा, आरपी रतूड़ी, मोहन काला तथा संजय भट्ट आदि मौजूद थे।

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