सहजन खाने से मजबूत होंगी हड्डियां

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सहजन के बारे में तो हम सभी जानते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। सहजन की फली की सब्जी लगभग हर घर में बनती है। खाने में तो इसका स्वाद सबको खूब भाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फली और इसके पेड़ के भी स्वास्थ्य के लिए कई फायदे हैं।

इनमें प्रोटीन, अमीनो एसिड, बीटा कैरटीन और विभिन्न फीनॉलिक होते हैं। इन पत्तियों को ताजा या पाउडर के रूप में भोजन के पूरक के रूप में उपयोग किया जा सकता है। सहजन के पौधे में जड़ से लेकर सहजन के फूल, पत्तियों तक सेहत के गुण भरे हुए हैं। आज जानते हैं सहजन के फायदों के बारे में :

हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करे

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सहजन की पत्तियों का रस निकालकर काढ़ा बनाकर देने से लाभ मिलता है। साथ ही इसका काढ़ा पीने से घबराहट, चक्कर आना, उल्टी में भी राहत मिलती है।

कैल्शियम का स्रोत

सहजन की फली में प्रचुर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, जो बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे हड्डियां और दांत दोनों ही मजबूत बनते हैं। इसे गर्भवती महिलाओं को देने से उनके होने वाले बच्चों में कैल्शियम की मात्रा भरपूर मिलती है और होने वाला शिशु तंदुरस्त होता है।

मोटापा कम करे
मोटापा और शरीर की बढ़ी हुई चर्बी को दूर करने के लिए सहजन को एक लाभदायक औषधि माना गया है। इसमें फॉस्फोरस की मात्रा पायी जाती है जोकि शरीर की अतिरिक्त कैलोरी को कम करती है और साथ ही वसा को कम कर मोटापा कम करने में सहायक होती है।

सिरदर्द दूर करे
सहजन के पत्तों का पेस्ट घाव पर लगाया जाता है और इसे सब्जी के रूप में खाने से सिर दर्द में राहत मिलती है। साथ ही सहजन के सेवन से खून साफ होता है, आंखों की रोशनी तेज होती है। सहजन की फली का सेवन करने से गर्भवतियों को डिलिवरी के वक्त ज्यादा दर्द नहीं होता है।(आरएनएस)

पेट और सांस के रोगों को दूर रखेगी मुलेठी
आयुर्वेद में मुलेठी को बहुत गुणकारी माना गया है। मुलेठी की जड़ को उखाडऩे के बाद दो वर्ष तक उसमें औषधीय गुण रहते हैं। इसका औषधि के रूप में प्रयोग बहुत पहले से होता आया है। मुलेठी पेट के रोग, सांस संबंधी रोग, स्तन रोग को दूर करती है।

ताजी मुलेठी में पचास प्रतिशत पानी होता है, जो सुखाने पर मात्र दस प्रतिशत ही शेष रह जाता है। ग्लिसराइजिक एसिड के होने के कारण इसका स्वाद साधारण शक्कर से पचास गुना अधिक मीठा होता है। आइए जानते हैं मुलेठी के गुणों के बारे में :

लिवर को फायदा
मुलेठी पीलिया, हेपेटाइटिस और फैटी लिवर जैसे लिवर रोगों के इलाज में मदद करती है। इसके प्राकृतिक एंटी-ऑक्सिडेंट गुण विषाक्त पदार्थों के कारण जिगर के नुकसान से रक्षा करते हैं। इसके अलावा, मुलेठी हेपेटाइटिस के कारण जिगर की सूजन को शांत करने में मदद करती है।

खांसी में दिलाए आराम
मुलेठी गले में खराश, सर्दी, खांसी और दमा के रूप में सांस रोगों के संक्रमण का इलाज करती है। एंटीऑक्सिडेंट गुण के कारण ब्रोन्कियल नलियों की सूजन को कम करने और वायुमार्ग को शांत करने में मदद करती हैं। यह बलगम को निकालती है, जिससे खांसी में आराम मिलता है।

दांत साफ रखें
मुलेठी जीवाणुरोधी और रोगाणुरोधी गुण के कारण कैविटी वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकती है, प्लाग को कम करती है। दांतों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुलेठी जड़ के पाउडर का प्रयोग करना चाहिए।

इम्युन सिस्टम मजूबत करे
मुलेठी लिम्फोसाइटों और मैक्रोफेज जैसे रसायनों के उत्पादन में मदद करती है, इससे हमारी रक्षा प्रणाली(इम्युन सिस्टम) में सुधार लाते हैं। मुलेठी में मौजूद लीकोरिस जड़ कब्ज, अम्लता, सीने में जलन, पेट के अल्सर, जैसी पाचन समस्याओं के इलाज में सहायक है। यह जीवाणुरोधी गुण पेट में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

अवसाद दूर करने में मददगार
मुलेठी अवसाद के इलाज में मदद करती है। मुलेठी अधिवृक्क ग्रंथि को सुधारती है, जो घबराहट और अवसाद से लडऩे में मदद करती है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और बीटा कैरोटीन जैसे खनिज और फ्लेवोनॉइड्स हैं, जो अवसाद को दूर करने में मदद करते हैं।(आरएनएस)

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