बाइकर्स उड़ा रहे हैं नियमों की धज्जियां

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यातायात पुलिस व आरटीओ विभाग लगाम लगाने में नाकाम

हमारे संवाददाता
देहरादून। भले ही बाइकों के शौकीन रईसजादों ने दून की सड़कों पर आंतक मचा रखा हो और उनकी मोडिफाइड बाइकों की कानफोड़ू आवाज से सड़कों पर चलने वाले लोग परेशान हों लेकिन परिवहन अधिकारी व यातायात सुरक्षाकर्मी इन पर लगाम लगाने में स्वयं को असमर्थ पा रहे है।

इन दिनों दून की सड़कों पर इन मोडिफाइड बाइकर्स को हर किसी ने देखा होगा क्योंकि यह जिधर से भी गुजरते है ध्वनि व रफ्तार का एक तूफान इनके साथ होता है। जब इनका काफिला सड़क पर होता है तो आम लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़क के किनारे हो जाते है और अपने कानों पर हाथ रख लेेते है।

भले ही मोटर व्हीकल एक्ट में वाहनों के मोडिफिकेशन को लेकर सख्त कानून व जुर्माने का प्रावधान सही लेकिन इनके खिलाफ न तो कभी आरटीओ विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की जाती है और न आम आदमी को जरा सी गलती पर डंडा दिखाने व चालान करने वाली सीपीयू इनके खिलाफ कुछ करती है। हो सकता है कि वह भी उनकी रईसी की धौंस का दबाव मानती हो।

इस बाबत ‘दून वैली मेल’ सांध्य दैनिक ने आज जब एस.पी. ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल से बात की तो उनका कहना था कि हम सिर्फ 100 रूपये का चालान कर सकते है। जिसका कोई प्रभाव इन रईसजादों पर नहीं होता है। खास बात यह है कि राजधानी ट्रैफिकट्रैफिक पुलिस के पास ध्वनि मापक कोई यंत्र तक नहीं है जिसे अभी सिर्फ मंगवाने की बात चल रही है।

वहीं आरटीओ सुधांशु गर्ग का कहना है कि उनके पास इस तरह की शिकायतें कई बार आ चुकी है और मामला उनके संज्ञान में है लेकिन स्टाफ चारधाम यात्रा में लगा है इसलिए वह इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं कर पा रहे है। उन्होने कहा कि जब तक इनके खिलाफ उनके वाहन सीज करने तथा मोडिफाई किये गये साइलेंसर व हार्न आदि को क्रैश करने व उनके लाइसैंस निरस्त करने जैसे कठोर कदम नहीं उठाये जायेंगे तब तक इन्हे रोका नहीं जा सकता है।

उन्होने माना कि इन बाइकर्स द्वारा नियम कानून तोड़े जा रहे है साथ ही इनके खिलाफ कार्यवाही का भरोसा भी दिलाया गया। लेकिन कार्यवाही कब होती है यह देखने वाली बात है क्योंकि चारधाम यात्रा तो अभी 5 महीने तक चलेगी।

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