मांगों को लेकर पेंशनर्स संघर्ष मोर्चा ने भरी हुंकार

0
7

नगर संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड जल संस्थान अधिकारी/ कर्मचारी एवं पेंशनर्स संघर्ष मोर्चा ने आज अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया।

मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना था कि राज्य बनने के बाद पेयजल निगम के क्रियाकलापों से शासन पूर्ण रूप भिज्ञ है। अपने नकारेपन के कारण आज निगम की स्थिति ऐसी है कि न तो यह समय से अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर पा रहे हैं और न ही पेंशनर्स का।

दूसरी ओर जल संस्थान द्वारा अपने कुशल प्रबंधन, दक्षतापूर्ण कार्यशैली एवं कमचारियों की दृढ़ इच्छाशक्ति से निरंतर अपने समस्त कार्यों को यथाशक्ति सुचारू रूप से संचालित कर रहा है। उत्तराखण्ड जल संस्थान को पेयजल निगम की सुरक्षा का ढाल बना दिया गया है। उनके आधे अधूरी योजनाओं को जब भी शासन चाहता है जल संस्था को हस्तगत कर दिये जाते हैं। विगत कई वर्षो में इस तरह के शासनादेश जारी हो चुके हैं।

उनका कहना था कि विश्व बैंक कार्यक्रम के अंतर्गत 2006 से 2015 तक संचालित पेयजल एवं स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य सरकार के निर्णय के अनुरूप जल संस्थान द्वारा अपने कार्यों को पूर्ण दक्षता के साथ किया गया।

लेकिन पेयजल निगम द्वारा बहुल ग्राम पेयजल योजनाओं के सभी उद्देश्यों पर पानी फेरते हुए आधी-अधूरी योजनाएं जल संस्थान को हस्तगत कर दी गयी। जल संस्थान कर्मियों का मानना है कि इस प्रकार लिय जा रहे निर्णयों से स्पष्ट है कि पेयजल निगम द्वारा रची जा रही सुनियोजित साजिश के अंतर्गत जल संस्थान को भी पेयजल निगम की भांति रूग्ण संस्था बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि आम सभा में लिये गये निर्णयों के अनुसार मांगों पर कोई कार्यवाही न होने पर मोर्चा बिना किसी पूर्व सूचना के सीधी कार्यवाही करने के लिए बाध्य होंगे।

धरने पर वीरेन्द्र सिंह, गजेन्द्र कपिल, पूरण तिवारी, ओमपाल सिंह, एसके शर्मा, डीके सिंह, एसएस रावत तथा एपी सिंह आदि बैठे।

LEAVE A REPLY