आम आदमी का फायदा

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आखिरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली जमीन पर उतरने जा रही है। जीएसटी की दरों पर फैसले के बाद भारत के एक कर दर वाला बाजार बनने का रास्ता साफ हो गया है। आशा है कि 1 जुलाई से कमोबेश सभी वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें पूरे देश में एक सी हो जाएंगी। जीएसटी लागू होने के बाद उत्पाद शुल्क, सेवा कर, राज्य वैट, मनोरंजन कर, प्रवेश शुल्क, लग्जरी टैक्स जैसे कई सारे टैक्स खत्म हो जाएंगे और इनकी जगह देश भर में एक समान कर प्रणाली लागू हो जाएगी।

इसके तहत सात फीसदी वस्तुओं को कर छूट सूची के अंतर्गत रखा गया है, जबकि 14 फीसदी को 5 फीसदी के सबसे कम टैक्स रेट के अंदर रखा गया है। 17 फीसदी आइटम 12 फीसदी वाले टैक्स स्लैब में रखे गए हैं। 43 फीसदी को 18 फीसदी टैक्स रेट में और केवल 19 फीसदी चीजों को टॉप टैक्स ब्रैकेट में 28 फीसदी की लिस्ट में डाला गया है। दूध-दही को अभी की तरह जीएसटी के तहत भी जीरो टैक्स लिस्ट में शामिल किया गया है, हालांकि मिठाई और दूध से बने उत्पादों पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा।

चीनी, चाय, कॉफी (इंस्टैंट कॉफी को छोड़कर) और खाद्य तेल जैसी रोजमर्रा के उपयोग वाली वस्तुओं पर 5 फीसदी टैक्स लगेगा। अनाज, विशेष रूप से गेहूं और चावल की कीमत नीचे आएगी, क्योंकि उन्हें जीएसटी से छूट मिली हुई है। अभी कुछ राज्यों ने उन पर मूल्यवर्धित कर (वैट) लगा रखा है। जीएसटी की अब तक की यात्रा काफी कठिन रही। राजनीतिक दलों की आपसी रस्साकशी से कई बार तो लगा कि इसकी गाड़ी अटक ही जाएगी।

बहरहाल, अब जब यह जमीन पर उतरने जा रहा है तो उम्मीद की जानी चाहिए कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। नैशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी लागू होने से देश की जीडीपी में एक से पौने दो फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली का दावा है कि जीएसटी लागू हो जाने के बाद कोई भी कारोबारी टैक्स की चोरी नहीं कर पाएगा।

कारोबार साफ-सुथरा हो जाएगा तो स्वाभाविक है कि इसका फायदा या नुकसान सीधे आम आदमी के ही हिस्से आएगा। हालांकि कारोबारियों के मन में अब भी कई आशंकाएं हैं, जिन्हें दूर करने की व्यवस्था सरकार करेगी। उन्हें नए टैक्स स्ट्रक्चर को समझने में परेशानी आ सकती है। इसके अनुरूप सॉफ्टवेयर हर जगह अपलोड करने और अन्य तैयारियों की भी आवश्यकता होगी। असंगठित क्षेत्र और एकदम छोटे कारोबारी भी अब टैक्स के दायरे में आ जाएंगे, लेकिन उन्हें दूसरे स्तरों पर लाभ मिलेगा।

जीएसटी को लेकर मोदी सरकार काफी गंभीर रही है। आशा है, वह इसपर अमल को लेकर भी सचेत रहेगी और इसमें कोई समस्या नहीं आने देगी।(आरएनएस)

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