पापड़ खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है!

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हम अक्सर होली पर अपने घरों की छतों पर आलू या साबूदाने के पापड़ सुखाया करते थे। पर जब से बाजार में पापड़ मिलने शुरु हो गए हैं, हमने अब घर पर पापड़ बनाना बंद कर दिये हैं।

आज कल आपको बाजार में तरह तरह के स्वाद और रंग वाले पापड़ और चिप्स बिकते हुए दिख जाएंगे। अक्सर लोग अपने भोजन के साथ साथ एक रोस्टेड पापड़ या फिर फ्राई किया हुआ पापड़ खाना पसंद करते हैं, जो सेहत के लिये काफी हानिकारक हो सकता है।

यहां तक कि कॉकटेल स्नैक के तौर पर भी मसालेदार पापड़ ही सर्व किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये पापड़ हमारी सेहत के लिये कितने खराब हैं, आइये जानते हैं…

1. पापड़ बढ़ा सकता है मोटापा- दो पापड़ एक रोटी के समान होता है। अगर आप कैलारी नहीं बढ़ाना चाहते हैं तो पापड़ खाने की गल्ती कभी ना करें। 13 ग्राम पापड़ में 35-4० कैलोरी, सोडियम- 226 एमजी और कार्बोहाइड्रेट 7.8 ग्राम पाया जाता है।

2. प्रीज़र्वटिव का होता है प्रयोग- पापड़ को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिये पापड़ बनाने वाली फैक्टरियां उसमें प्रीज़र्वटिव आदि मिलाती हैं। साथ ही इसमें नमक के साथ साजी नामक सोडियम साल्ट मिलाया जाता है, जिससे इसका स्वाद तो बढ़ता है। यह साल्ट हार्ट और किडनी की बीमारी के साथ हाई बीपी भी पैदा कर सकता है।

3. एसिडिटी की समस्या- दुकान से खरीदे हुए पापड़ों में अक्सर आर्टिफीशियल फ्लेवर और मसाले मिलाए जाते हैं जो कि पेट के लिये खराब तो होते ही हैं साथ में ज्यादा खाने पर एसिडिटी भी हो जाती है।

4. फ्राई किये पापड़ तो और भी घातक: फ्राई किये पापड़ों में तेल और फैट दोनों ही हाई होते हैं। रिसर्च के अनुसार पाया गया है कि फ्राई और आग पर भुने हुए पापड़ में एक्रिलामाइड जो एक टॉक्सिन है, उसकी मात्रा बढ़ जाती है, इसे कार्सीनोजिन भी कहते। इससे आपको बेचैनी, घबराहट और मूड स्विंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मगर माइक्रोवेव में पकाए पापड़ आपकी सेहत को कभी नुकसान नहीं पहुंचा सकते।

5. पापड़ कैसे बनाए जाते हैं: पापड़ बनाई जाने वाली फैक्ट्रियां कभी साफ नहीं होती। इन्हें हाथों से बनाया जाता है और फिर इन्हें सुखाने के लिये धूप में खुले स्थान पर रखा जाता है, जहां इनमें धूल मिट्टी पड़ती रहती है। (आरएनएस)

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