पेट का अल्सर है तो अपनाएं इन डाइट टिप्स को

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आज इस लेख में हम पेट के अल्सर के रोगियों के लिए आहार से संबंधित कुछ सुझाव देंगे जैसे उन्हें कौन से पदार्थ खाने चाहिए और पेट के अल्सर से बचने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

पेट के अल्सर को पेप्टिक अल्सर भी कहा जाता है जो बहुत अधिक पीड़ादायक होता है। पेट ले अल्सर से बचने के लिए खाद्य पदार्थों का ध्यानपूर्वक सेवन करना और उचित आहार को अपनाना बहुत आवश्यक है।

तो आज इस लेख में हम पेट के अल्सर के रोगियों के लिए आहार से संबंधित कुछ सुझाव देंगे जैसे उन्हें कौन से पदार्थ खाने चाहिए और पेट के अल्सर से बचने के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।
आपको इस इलाज जल्द से जल्द कर लेना चाहिए क्योंकि यदि समय रहते इसका इलाज नहीं किया गया तो यह पेट के कैंसर में बदल सकता है।

1. लहसुन: लहसुन में एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत बनाते हैं और पेट के अल्सर को जल्दी ठीक करते हैं। सब्जियां पकाते समय उनमें कटा हुआ लहसुन डालकर इसका सेवन किया जा सकता है।

2. सेब: यदि आप पेट के अल्सर से पीडि़त हैं तो तो एक अन्य पदार्थ जो आपको अपने आहार में शामिल करना चाहिए वह है सेब। सेब में फाइबर और फ्लेवोनाइड्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया को बढऩे से रोकते हैं।

3. ग्रीन टी: ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जिसके कारण यह पेट का अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में सहायक है। प्रतिदिन दो कप ग्रीन टी पीयें।

4. दही: दही में प्रोबायोटिक गुण पाए जाते हैं। यह अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लडऩे में सहायक है। इसके अलावा यदि आप पेट के अल्सर के लिए एंटीबायोटिक्स का सेवन कर रहे हैं तो दही आपको एंटीबायोटिक्स के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों से बचाता है।

5. क्रैनबेरीज़: पेट के अल्सर से पीडि़त लोगों को एक गिलास क्रैनबेरी जूस पीना चाहिए या इस फल का सेवन करना चाहिए। यह पेट के अल्सर को बढऩे से रोकता है।

6. मसालेदार खाना न खाएं: यदि आप पेट के अल्सर से पीडि़त हैं तो मसालेदार खाना बिलकुल न खाएं। इससे पेट में जलन होती है और इसका प्रभाव अल्सर पर पड़ता है।

7. मटन न खाएं: मीट, विशेष रूप से मटन में फैट और प्रोटीन बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जो पचने में बहुत अधिक समय लेता है। इस प्रक्रिया में बहुत अधिक एसिड बनता है जो पेट में जलन पैदा करता है। (आरएनएस)

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