आतंकित ट्राईसिटी

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देर से ही सही, चंडीगढ़ तथा इससे सटे पंचकूला व मोहाली के नगर निगम आवारा कुत्तों के आतंक को रोकने के लिए आगे आए हैं। ट्राईसिटी के मेयरों की बैठक में तालमेल कमेटी का गठन किया गया जो ऐसे कुत्तों की धरपकड़ व वैक्सीनेशन के लिए संयुक्त मुहिम चलाएगी। अब तक तीनों शहरों के प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण लोगों में व्यापक रोष था।

खौफज़दा लोगों ने सुबह-शाम सैर पर जाना भी कम कर दिया है। इनके सबसे ज्यादा शिकार बच्चे व बुजुर्ग लोग हैं। अकेले चंडीगढ़ में ही डॉग बाइट के रोजाना 3० से 4० केस आ रहे हैं। पिछले सप्ताह यह संख्या 7० थी। सबसे ज्यादा खराब हालत रेबीजग़्रस्त कुत्तों के शिकार लोगों की है जो महंगे दामों पर एंटीरेबीज़ इंजेक्शन खरीदने को विवश हैं।

इन कुत्तों के काटने के बाद वैक्सीनेशन के अलावा सीरम भी लगती है जो अधिकांश सरकारी डिसपेंसरियों में उपलब्ध नहीं है। जबकि प्राइवेट कैमिस्ट इसके लिए मनमाने दाम वसूल रहे हैं। जो एंटीरेबीज़ इंजेक्शन सरकारी डिसपेंसरियों में कभी नि:शुल्क मिला करते थे, आजकल केमिस्ट इसके लिए 6००० रुपये से ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं। हालांकि चंडीगढ़ नगर निगम ने इन लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए मुहिम छेड़ रखी थी लेकिन काटे जाने के मामलों में इजाफा होने से तो नहीं लगता कि निगम की यह स्कीम कारगर साबित हुई है।

दरअसल इस आतंक को रोकने के लिए जिस स्थायी पॉलिसी की दरकार है, उस पर तीनों शहरों के प्रशासन ने अभी तक काम शुरू ही नहीं किया। इतने केस डॉग बाइट के हो जाने के बाद इस तालमेल समिति का गठन हुआ है। इन तीनों शहरों की टीमों का मिल-जुलकर काम करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इनकी सीमाएं एक-दूसरे के साथ लगती हैं, जिसके कारण ये लावारिस कुत्ते एक शहर से दूसरे शहर में घूमते रहते हैं। इसीलिए इनकी नसबंदी तथा धरपकड़ में दिक्कत पेश आ रही थी।

पशु चिकित्सकों की मानें तो ये कुत्ते लावारिस नहीं बल्कि कम्यूनिटी डॉग्ज हैं। लोग इन्हें खाना देते हैं तभी ये उस इलाके में रहते हैं। पेटा तथा पीएफए सरीखी सामाजिक संस्थाएं इन कुत्तों को गोद लेने की वकालत करती हैं।

पर्यावरण से जुड़े कुछ लोगों ने इसके स्थायी हल के लिए गोशालाओं की तर्ज पर डॉग पोंड स्थापित करने का सुझाव दिया है ताकि इससे वैक्सीनेशन जैसे कार्यों को सुगमता से अंजाम दिया जा सके। इससे आवारा कुत्तों को प्रश्रय भी मिलेगा और लोग भी इनका शिकार होने से बच सकेंगे।(आरएनएस)

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