योगासन से तुरंत पेट करें कम, पाए परफैक्ट शेप

0
94

सुंदर इकहरा बदन महिलाओं की सुंदरता का राज होता है। जिससे उनका सारा व्यक्तित्व निखरकर आता है। कई महिलाओं के लिए यह एक दूर के सपने की तरह है। अक्सर हमनें देखा है की बेडौल शरीर की महिलाओं को अक्सर कई परेशानियों का सामना करना पडता है। वह हर जगह एक हंसी का पात्र बनती है। अपने इस बेडौल शरीर से बचने लिए वो ना जानें क्या—क्या उपाय करती है। हर विज्ञापन में कई प्रकार के देसी नुस्खों को देख और उसे अजमाकर अपने पतले होने के सपने सजोने लगती है, पर रिजल्ट मिलता है जीरो। लेकिन अब आपको परेशान होने की आवश्कता नही है, हम आपको दें रहें हैं वो उपचार जिनसे आप बिना किसी खर्चे के पा सकती हैं अपनी हर समस्याओं का इलाज। आपकी इस समस्या का समाधान हमारे पास है। आज हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताने जा रहे हैं जिनके करने से आप जल्द ही पेट कम करने में कामयाब हो सकती है।

तो जानिए पेट को सपाट करने के आसान और कारगर योगासन —

सूर्य नमस्कार
यह एक बुनियादी, सबसे ज्यादा जाना-जाने वाला और व्यापक रूप से अभ्यास किया जाने वाला आसन है। सूर्य नमस्कार का अर्थ है- ‘सूरज का अभिवादन’ या ‘वंदन करना’। इसमें 12 योग मुद्राओं का मिश्रण होता है, जो कि शरीर के विभिन्न भागों को केंद्रित करता है। इसकी यही खासियत इसे पूरे शरीर के लिए फायदेमंद बनाती है। उदाहरण के लिए प्रार्थना की मूल मुद्रा, आगे की ओर मुडऩा और फिर भुजांगासन। कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि शरीर को चुस्त रखने के लिए सूर्य नमस्कार एक बढिय़ा तरीका है, क्योंकि यह शरीर के लगभग हर संभव अंग की कसरत करने में मदद करता है। यह कंकाल प्रणाली की सहनशक्ति बढ़ाने, तनाव और चिंताओं को दूर करने में भी सहायक है।

पूर्वोत्तनासन
इसकी शुरुआत करने में शायद थोड़ी मुश्किल लगे, लेकिन इसका असर आपको खुश कर देगा। यह आपकी पीठ, कंधों, हाथ, रीढ़ की हड्डी, कलाई और जंग लगी मांसपेशियों पर काम करता है। यह श्वसन प्रणाली को सही रूप से चलाने के लिए भी बहुत अच्छा आसन है। यही नहीं, यह शरीर की मुख्य ताकत को बढ़ाने में भी मदद करता है। यह आपके पैरों, जांघों की अंदरूनी मांसपेशियां और हिप्स पर भी असर डालता है। अपने पैरों पर बैठकर उन्हें आगे की ओर खींचें। हाथों को हिप्स के पीछे ले जाएं और पैरों की तरफ करें। अब पैरों से शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं और सिर को पीछे की तरफ धकेलने की कोशिश करें। यह पुश-अप करने की मुद्रा का ठीक उल्टा होता है।

त्रिकोणासन
यह आसन करने के लिए पैरों को फैला लें, जिसमें सीधा पैर बाहर निकाल लें। अब अपने हाथों को बाहर की ओर खोल लें और सीधे हाथ को धीरे-धीरे नीचे की तरफ सीधे पैर की ओर ले जाएं। सीधी कमर के साथ नीचे की ओर देखें। अपनी सीधी हथेली को जमीन पर रखें (इसे सीधे पैर के आगे या पीछे भी रखा जा सकता है) और अपने उल्टे हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं। इसी प्रक्रिया को दूसरी साइड से भी दोहराएं। यह आसन शरीर की साइडों, हाथों और जांघों पर काम करता है।

वीर भद्रासन या योद्धा मुद्रा
इन इस आसन की मुद्रा पहाड़ों पर जाने वाली मुद्रा के सामान होती है। अपने एक पैर को पीछे की ओर खींचकर, दूसरे पैर को आगे कूदने की मुद्रा में बना लें, जिसमें घुटने 9० डिग्री मुद्रा में हो और हाथों को जोड़कर सिर के ऊपर तक ले जाएं। वीरभद्रासन-2 के लिए आप इस मुद्रा को आगे ले जा सकते हैं, जिसमें अपने हाथ छाती के सामने ले जाएं और खींचे हुए पैरों को सीधा कर लें (बाहर की और निकलती हुई), वहीं दूसरे पैर को अभी भी 9० डिग्री पर ही रखें और अपने दोनों हाथों को खींचकर बाहर की तरफ फैला लें। यह योद्धा मुद्रा आपके पैर, जांघ, पीठ और हाथ पर काम करती है। यही नहीं, यह रक्त प्रवाह सही करने में भी मदद करती है।(आरएनएस)

LEAVE A REPLY